Sex (सहवास) क्रिया को आनंदमय कैसे बनाएं

सहवास अथवा Sex जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है जिस प्रकार तन - मन को स्वस्थ रखने के लिए खान- पान , व्यायाम और उचित दिनचर्या की आवश्यकता होती है।


उसी प्रकार  सेक्स की भी आवश्यकता होती है यदि आपकी सेक्स लाइफ खुशहाल और आनंदमय है तो आप एक  सेहतमंद और प्रसन्न ज़िंदगी बिता सकते हैं।


अब सवाल यह आता है कि आज की भागम -भाग और तनाव से भरे जीवन मे सेक्स को कैसे संतुष्टिदायक बनाया जा सकता है ? इस लेख 'Sex (सहवास) क्रिया को आनंदमय कैसे बनाएं' मे इसके कुछ तरीके बताए जा रहे हैं। इसलिए लेख को पूरा पढ़े।


  आज की भागम-भाग भारी जिंदगी मे लोगों को अपने काम- धन्धे अथवा जॉब में भारी कम्पटीशन का सामना करना पड़ता है जिसके परिणाम स्वरूप दिमागी तनाव और थकान सेक्स क्रिया पर विपरीत प्रभाव डाल रही है।


लेकिन ये भी सत्य है कि यदि आप एक सफल और आनंदमय सेक्स लाइफ गुजार रहे हैं तो जीवन के सारे दबाव- और तनाव  से आसानी से निपट सकते हैं और एक खुशहाल जीवन जी सकते हैं।

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Sex (सहवास) क्रिया को आनंदमय कैसे बनाएं


सहवास या संभोग का अर्थ है कि sex क्रिया में स्त्री और पुरुष दोनों को समान रूप से आनंद का भोग करना।


सेक्स क्रिया में दोनों को समान रूप से आनंद उठाने और दोनों को चरम सुख की प्राप्ति हेतु प्रकृति ने स्त्री और पुरुष दोनों के लिए कुछ नियम बनाएं है  जिसको समझ कर कोई भी इंसान अपनी सेक्स लाइफ को सफल और खुशहाल बना सकता है।


आगे यहां कुछ ऐसे ही प्राकृतिक नियमों की चर्चा की जा रही है जिनका पालन करके कोई भी साधारण इंसान अपनी सेक्स लाइफ को सफल और आनंदमय बना सकता है।


जीवन साथी के प्रति आकर्षण जरूरी


आकर्षण और सेक्स दोनों में बहुत घनिष्ट संबंध है, जब तक कोई स्त्री या पुरुष एक दूसरे के प्रति पूर्णतः आकर्षित नही होंगे तब तक मजेदार सेक्स क्रिया की कल्पना भी नही की जा सकती है।


अतः सहवास में सफल होना है तो पति - पत्नी दोनों का एक दूसरे की ओर आकर्षित होना और एक दूसरे के लिए दिल मे प्यार होना बहुत जरूरी है।


इसको ऐसे समझा जा सकता है कि कोई पुरुष किसी स्त्री के प्रति आकर्षित नही होगा तो उसके मन मे न तो कामोत्तेजना पैदा होगी और न ही लिंग में कठोरता आएगी।


ठीक यही बात महिलाओं पर भी लागू होती है जब तक कोई महिला किसी पुरुष के प्रति आकर्षित नही होती है तब तक न तो उसके मन मे कोई कामोत्तेजना आएगी और न ही उसका उस  पुरुष के साथ सेक्स करने का मन होगा।


आधुनिक विज्ञान भी यह मानता है कि स्त्री और पुरुष का एक दूसरे के प्रति आकर्षित होना एक दूसरे के प्रति लगाव उत्पन्न होना आदि क्रियाओं के मूल में शरीर मे स्थित सेक्स ग्रंथियां ही हैं। ये ग्रंथियां ही हार्मोन्स का स्राव करती हैं जिससे किसी के मन मे कामोत्तेजना उत्पन्न होती है  और वो विपरीत लिंगी पार्टनर की ओर संभोग के लिए आकर्षित होता है।


चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी स्त्री के शरीर से अंडाणु निकाल दिए जाएं तो फिर पुरुषों के प्रति उस स्त्री का आकर्षण बिल्कुल समाप्त हो जाएगा।


इसी प्रकार यदि किसी पुरुष के दिमाग के नीचे स्थित कुछ  रस - वाहिकी ग्रंथियों को निकाल दिया जाए तो इस स्थिति में उस पुरुष के अंडकोष सूख जाएंगे और समस्त यौन लक्षण खत्म हो जाएंगे ऐसा पुरुष किसी भी स्त्री शरीर के प्रति कभी भी आकर्षित नही होगा चाहे वह स्त्री कितनी भी सुंदर और कामुक हो।


इसलिए सेक्स क्रिया को आनंदपूर्ण और रोचक बनाने के लिए यह अति आवश्यक है कि दोनों पार्टनर के बीच आकर्षण और समर्पण की भावना होना पहली अनिवार्य शर्त है।


स्त्री- पुरुष आकर्षण का मुख्य कारण Sex


सभी जानते हैं कि स्त्री और पुरुष का एक दूसरे के प्रति आकर्षण का मुख्य कारण सेक्स है। आकर्षण के लिए साज-श्रृंगार, स्वच्छ्ता और सौंदर्य आदि की आवश्यकता होती है। लेकिन बहुत से स्त्री-पुरुषों में इसका अभाव होता है अथवा वो इस ओर अधिक ध्यान नही दे पाते हैं।

स्त्री- पुरुष-आकर्षण-का-मुख्य-कारण-Sex


 ऐसे लोगो मे Sex के प्रति आकर्षण की कमी होती है और सहवास का भी पूरा आनंद न मिलने के कारण सेक्स लाइफ काफी तनावपूर्ण बन जाती है।


अतः सेक्स लाइफ को मजेदार बनाने के लिए आकर्षण बहुत जरूरी है। एक - दूसरे को आकर्षित करने के लिए यहां बताई गई बातों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।


1 - बेडरूम को सेक्सी बनाएं


रोमांटिक मूड बनाने के लिए सेक्सी माहौल भी बहुत जरूरी है इसलिए बेडरूम को ऐसा लुक दें जिससे आपका मूड रोमांटिक बना रहे और आप सेक्स में खुशी महसूस करें।


इसके लिए बेडरूम के पर्दे, बेडशीट हल्के खुशनुमा रंग के हों तथा कमरे का रंग और रोशनी आदि के संयोजन को अपनी कल्पना अनुसार ऐसा सजाएं जिससे माहौल रोमांटिक बना रहे।


ऐसा माहौल सेक्सुअल ऊर्जा को बढ़ाएगा और सेक्स क्रिया को यादगार बना देगा।


2 - सेक्सी कपड़े पहनना


सेक्स को आनंदमय बनाने के लिए सेक्स करते समय सेक्सी बनना और सेक्सी दिखना भी जरूरी होता है।


इसलिए सेक्स को स्पेशल बनाने और पार्टनर को चकित करने के लिए सेक्सी नाईट ड्रेस और अंतः वस्त्रों का चयन करें।


कामोत्तेजना बढ़ाने में सेक्सी कपड़ो की महत्वपूर्ण भूमिका होती है इसके लिए चटख रंग के अंतः वस्त्रों को चुने जैसे - लाल, नीला,कला पर्पल आदि।

सेक्सी-दिखना-भी-जरूरी


3 - एक- दूसरे को स्पर्श करें


सहवास क्रिया केवल तन का मिलन ही नही बल्कि मन का मिलन भी होता है और शारीरिक स्पर्श तन - मन के मिलन को सम्पूर्ण बनाता है।


अतः सहवास क्रिया से पहले एक दूसरे के शरीर पर प्यार से खेले और शारीरिक स्पर्श को महसूस करें तथा सेक्स क्रिया का पूर्ण आनंद उठाएं।


4 - तन - मन को खुश्बू से महकाएं


खुश्बू से महकता तन सेक्स इच्छा को और अधिक बढ़ा देता है विभिन्न प्रकार की सुगन्ध कामेच्छा जागृत करने के साथ - साथ प्रेमी जोड़े को भावनात्मक रूप से भी एक - दूसरे के करीब लाने में मदद करती है। जिससे उनकी सेक्स लाइफ और भी ज्यादा आनंददायक बन जाती है।


  सहवास हेतु जरूरी एकांत और शांत वातावरण


सेक्स क्रिया में पति - पत्नी दोनों समान रूप से संतुष्ट हो सकें इसके लिए एकांत और शांत वातावरण का होना सबसे जरूरी है ।


अक्सर देखा गया है कि झोपड़ी या छोटे मकानों में जहां बच्चे- बूढ़े सब साथ ही रहते हैं ऐसे माहौल में सेक्स का आनंद उठाना असंभव होता है।


ऐसे में यदि किसी तरह कुछ क्षणों के लिए सेक्स किया भी जाता है तो उसमें आनन्द मिलना मुश्किल होता है। अतः Sex में चरम आनंद प्राप्ति हेतु एकांत और शांत वातावरण का होना अति आवश्यक है।


चिंता और तनाव से रहें मुक्त 


कामवासना का मूल केंद्र मन - मस्तिष्क होता है। मन मे उत्पन्न कामोत्तेजना को पूरा करने का काम कामेन्द्रियों द्वारा होता है।


यदि मन मे किसी प्रकार का भय या चिंता हो जैसे - गर्भधारण का भय , लोक-लज्जा का भय आदि होने पर पति- पत्नी दोनों संभोग में समर्थ नही हो सकते हैं।


अक्सर प्रथम सहवास के अवसर पर पुरुषों को अपने पुरुषत्व पर ही संदेह हो जाता है ऐसी स्थिति में पुरुष सेक्स करने में असमर्थ हो जाता है या फिर शीघ्र पतन का शिकार हो जाता है।


थकान, तनाव, और चिंता की स्थिति में स्त्री व पुरुष दोनों ही सफल संभोग करने और सेक्स - आनन्द उठाने में असमर्थ रहते हैं।


अतः सहवास का चरम आनंद प्राप्त करने के लिए  मन का शांत, स्थिर, और प्रसन्न रहना अति आवश्यक है।


भावनात्मक पहलू को भी समझना जरूरी 


संभोग क्रिया से पहले सुखद वातावरण बनाने में मददगार उपरोक्त नियमों के अतिरिक्त पति- पत्नी दोनों को सेक्स से पूर्व और बाद एक - दूसरे के भावनात्मक पहलू को भी समझना भी बहुत जरूरी है।


धन- दौलत से सम्पन्न भौतिक साधनों से परिपूर्ण होने पर भी भावनाओं का अपना अलग महत्व है जैसे - एक पत्नी के लिए पति के प्यार से बढ़कर दुनिया मे कोइ और चीज नही होती है।


वैसे ही पति कितना भी आधुनिक विचारों वाला हो या कितना भी कामुक क्यों न हो वह पत्नी की आंखों में शर्म , दिल मे प्यार  व शब्दों और भावनाओं में प्रेम और अपनापन ही पसन्द करता है।


स्त्रियों और पुरुषों में Sex संबंधित स्वभाव में भिन्नता होती है। यह जान लेने पर कि पार्टनर किस स्वभाव का है सेक्स क्रिया में सहायता मिलती है ।


सेक्स से पूर्व अधिक से अधिक प्रेमालाप, दिनभर के कार्यकलाप की प्रशंसा खासकर पत्नी के सौंदर्य की प्रशंसा जरूर करनी चाहिए तथा स्त्री के सेक्स संतुष्टि के स्वभाव को भी समझना जरूरी है।


Sex संतुष्टि कैसे प्राप्त होती है


संभोग क्रिया शुरू होने से पूर्व पति- पत्नी को भय, लज्जा, और संकोच का त्याग करके प्रेमालाप और कामक्रीड़ा करनी चाहिए।

Sex-संतुष्टि-कैसे-प्राप्त-होती है


कामक्रीड़ा का आनन्द उठाते हुए जब पत्नी कामोत्तेजना से भर जाती है ऐसी अवस्था मे सहवास करने पर दोनों को पूर्ण कामतृप्ति और परम आनन्द की प्राप्ति होती है।


संभोग के दौरान स्त्री को प्रारंभ में आनंद की अनुभूति होती है परन्तु पुरुष को स्खलित होने के समय आनंद मिलता है। लेकिन सेक्स विशेषज्ञों का मानना है कि स्त्री की कामवासना गाड़ी के पहिये के समान होती है जिसकी गति प्रारंभ में मंद मध्य में प्रचंड और अंत मे फिर कम हो जाती है किन्तु घूमने की प्रक्रिया जारी रहती है। इसलिए पुरुष को सेक्स के अंत मे और स्त्री को शुरू से अंत तक आनन्द प्राप्त होता है।


वीर्य स्खलित होने पर  पुरुष की कामवासना शांत हो जाती है और उसी समय यदि स्त्री भी स्खलित होती है तो इससे उसकी भी संभोग तृप्ति हो जाती है इसको ही Sex का चरम आनन्द कहा जाता है।


इस प्रकार  प्रकृति के नियमों का पालन करते हुए पति-पत्नी दोनों ही सम्भोगतृप्ति का आनन्द उठा सकते हैं। और Sex (सहवास) क्रिया को आनंदमय बना सकते हैं।


 




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