मन्दाग्नि (अग्निमांघ) के घरेलू नुस्खे

मन्दाग्नि का इलाज-Indigestion Treatment In Hindi

जब किसी व्यक्ति की पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है तो उसे मंदाग्नि रोग हो जाता है। अक्सर देखा जाता है कि लोग कहते हैं कि मुझे भूख नहीं है लेकिन फिर भी बिना भूख लगे ही खाना खाना पड़ता है। 


ऐसा हमारी पाचन शक्ति के कमजोर हो जाने की वजह से होता है। इस रोग को अपच, अग्निमांध और मंदाग्नि के नाम से जाना जाता है। ऐसा बरसात में ज्यादा नमी और पानी में मौजूद अम्ल विपाक की वजह से होता है।

1. मूली के सेवन से उपचार : 


अगर आप मंदाग्नि रोग से ग्रस्त हैं तो आप मूली का सेवन कर सकते हैं। आप मुली को बीच में से काटकर दो टुकड़े कर लें और उन पर कलि मिर्च का पाउडर और नमक बुरक दें और इसे खाना खाते समय खाएं। ऐसा करने से आपकी अपच की समस्या खत्म हो जाएगी।

2. नींबू के सेवन से उपचार : 

खाना खाने के बाद रोज नींबू के रस में अदरक का रस और काला नमक मिलाकर पानी में घोल लें और उसे पिएं इससे आपको अपच में बहुत लाभ होगा क्योंकि नींबू से मुंह का स्वाद अच्छा हो जाता है और अपच की समस्या भी ठीक हो जाती है।
 

3. पीपल के सेवन से उपचार : 


अगर आप मंदाग्नि ओग से ग्रस्त हैं तो आप पीपल के पाउडर को गुड के साथ खा सकते हैं क्योंकि इस मिश्रण को खाने से मंदाग्नि तेज हो जाती है जिससे अरुचि, पीलिया और ह्रदय के रोगों से हमारी रक्षा होती है।

4. छाछ के सेवन से उपचार : 


जो लोग छाछ का सेवन करते हैं उन्हें मंदाग्नि रोग नहीं होता है। अगर किसी को मन्दाग्नि रोग हो भी जाता है तो उन्हें छाछ का सेवन भोजन के साथ करना चाहिए क्योंकि छाछ का सेवन करने से मंदाग्नि रोग नहीं होता है लेकिन बरसात के मौसम में इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

5. अजवाइन के सेवन से उपचार : 


अगर आपको अपच की समस्या है तो आप अजवाइन के मिश्रण का सेवन कर सकते हैं। अजवाइन का मिश्रण बनाने के लिए आप अजवाइन का पाउडर, राई का पाउडर, पीसी हुई शक्कर या चीनी, नमक लें और इन सभी चीजों को बारीक पीस लें। इस मिश्रण को खाना खाने से पहले पानी के साथ लेने से मंदाग्नि की समस्या ठीक हो जाएगी।

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