कैथा फल के फायदे और नुकसान-Kaitha Fruit Benefits And Side Effects In Hindi

कैथा (Kaitha Fruit) :

कैथा का वैज्ञानिक नाम Feronia limonia है। कैथा एक पेड़ है जिसके फल का उपयोग आयुर्वेदिक औषधि के रूप में किया जाता है। मान्यता है कि तपस्या करने गए ध्रुव ने फलाहार के तौर पर इसे लिया था। कैथा एक बहुत ही पौष्टिक फल है।

कैथा फल के बारे में अधिक जानें : कैथा फल (Kaitha Fruit)

कैथी की जेली एक तरह का मीठा और थोडा कसिला खाद्य पदार्थ है जो कैथे के पेक्टिन से तैयार किया जाता है।इसका मीठा हल्का खट्टा स्वाद बच्चों और महिलाओं के लिए अत्यधिक मनभावित साबित हुआ है। कैथे को कच्चा और पक्का दोनों तरह से ही खाया जाता है। कच्चा फल हल्का कैसेला और पका हुआ फल खट्टा-मीठा होता है। कच्चा फल देखने में ग्रे-सफेद मिश्रित हरे रंग और पका फल भूरे रंग का होता है।

कैथे के फायदे (Benefits Of Kaitha Fruit) :

1. दमा में फायदेमंद कैथा : पके हुए कैथे का 12 ग्राम रस लेकर उसमे थोडा शहद मिलाकर सेवन करने से दम के रोगी को बहुत लाभ मिलता है।

2. कर्ण शूल में फायदेमंद : कैथे के रस में बिजोरा नींबू का रस मिलाकर, थोडा गर्म करके काम में कुछ बुँदे टपकने से कर्ण शूल में बहुत फायदा मिलता है।

3. पाचन क्रिया में फायदेमंद : इसके ताने और शाखाओं में फेरोनो गम नाम का गोंड जैसा पदार्थ होता है। इसमें टैनिन होने की वजह से यह सूजन को कम करने के लिए लिया जाता है इसके रोचक गुण भी कब्ज से बचने में मदद करते हैं।

4. ब्लड प्यूरिफिकेशन में फायदेमंद : 50 मिलीग्राम कैथे का रस गर्म पानी और चीनी के साथ मिला लें। इस मिश्रण को खून को साफ और विषाक्त पदार्थों को निकालने के लिए पीने की सलाह दी जाती है। इससे लीवर और गुर्दे पर तनाव कम हो जाता है, जो विषाक्त पदार्थों से हमारे शरीर को सुरक्षित रखते हैं।

5. डायबिटीज में फायदेमंद : कैथा के पेड़ के तने और शाखों में फेरोनी गम नाम की गोंद होती है। यह गोंद खून में शर्करा के प्रवाह, स्त्राव और संतुलन को प्रबंधित करने में मदद करके डायबिटीज का मुकाबला करने में मदद करती है। यह गोंद इन्सुलिन और ग्लूकोज के स्तर को प्रबंधित करके, डायबिटीज को बढने से रोकता है।

6. श्वसन समस्याओं में फायदेमंद : कैथ के पेड़ की पत्तियां लोगों को जुकाम और श्वसन से संबंधित समस्याओं से बचने में मदद करती है। ये गले में खराश और खांसी का इलाज करने में भी मदद करती है।

7. एनर्जी बढ़ाने में फायदेमंद : सौ ग्राम कैथा के गूदे में 140 कैलोरी प्राप्त होती है और इसमें मौजूद पोषक तत्व अंगों और मेटाबोलिज्म के लिए फायदेमंद होते है। जो बॉडी में एनर्जी लेवल को बढाते हैं।

8. किडनी रोग में फायदेमंद : किडनी की बीमारी से पीड़ित लोगों को कैथा का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इसमें विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने वाले गुण होते हैं जिससे किडनी को बहुत से रोगों से बचाया जा सकता है।

9. लीवर की समस्याओं के लिए फायदेमंद : कैथा में बीटा कैरोटीन की भी बहुत मात्रा पाई जाती है। यह तत्व लीवर की समस्याओं का इलाज करने में सहायक होता है। इसमें थाइमिन और रिबोफ्लिविन होते हैं। यह फल कार्डियाक टॉनिक के रूप में काम करता है।

10. हिचकी में फायदेमंद : कैथ के फल का चूर्ण और साफ कसीस 120-120 मिलीग्राम की मात्रा में चार से छ: ग्राम शहद के साथ सेवन करने से हिचकी में फायदा होता है।

11. पीलिया में फायदेमंद : कैथे के कोपले का रस निकलकर गाय के दूध में मिलाकर 50 ग्राम की मात्रा में दिन में एक बार पीने से पीलिया रोग ठीक हो जाता है।

12. प्रदर में फायदेमंद : कैथ को प्रदर रोग के लिए बहुत ही लाभकारी माना जाता है। कैथ के कोपल और बांस के कोपल को एक साथ पीसकर शहद के साथ सेवन करने से प्रदर रोग में बहुत लाभ मिलता है।

13. धातुदोष में फायदेमंद : कैथ की कोपलों का चूर्ण बना लें और चीनी मिले दूध के साथ मिलकर सेवन करें। इससे धातुदोष दूर हो जाता है और वीर्य बढ़ता है।

14. भूख न लगने पर फायदेमंद : कैथ के फलों का गूदा, सोंठ, कालीमिर्च, पीपल का चूर्ण, शहद और चीनी को मिलाकर रोज सेवन करने से भूख बढती है।

15. पेट दर्द में फायदेमंद : कैथ का गोंद 120 से 240 मिलीग्राम की मात्रा में पिने से पेट का दर्द ठीक हो जाता है।

कैथा के नुकसान (Side Effects Of Kaitha Fruits In Hindi) :

1. पेट के लिए नुकसानदायक : किसी भी अन्य भोजन या फल की तरह, हमें कैथा के सेवन के दौरान कुछ सावधानी बरतनी चाहिए। इसका ज्यादा मात्रा में सेवन करने से पेट की समस्या भी हो सकती हैं इसलिए गैस्ट्रिक परेशानियों वाले लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए।

2. एलर्जी वालों के लिए नुकसानदायक : इसके अतिरिक्त अग्गर आपने कभी पहले कैथा का सेवन नहीं किया है तो आपको कैथा से एलर्जी है या नहीं इसकी जाँच करने के बाद ही कैथा का सेवन करें क्योंकि कुछ लोगों को कैथे से एलर्जी भी हो सकती है।

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